भारत में खाद्य सुरक्षा (CH-4) Notes in Hindi || Class 9 SST Economics Chapter 4 in Hindi ||

पाठ – 4

भारत में खाद्य सुरक्षा

In this post we have given the detailed notes of class 9 SST (Economics) Chapter 4 भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India) in Hindi. These notes are useful for the students who are going to appear in class 9 exams.

इस पोस्ट में कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान (अर्थशास्त्र) के पाठ 4 भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India) के नोट्स दिये गए है। यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है जो इस वर्ष कक्षा 9 में है एवं सामाजिक विज्ञान विषय पढ़ रहे है।

BoardCBSE Board, UP Board, JAC Board, Bihar Board, HBSE Board, UBSE Board, PSEB Board, RBSE Board, CGBSE Board, MPBSE Board
TextbookNCERT
ClassClass 9
SubjectSST (Economics)
Chapter no.Chapter 4
Chapter Nameभारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India)
CategoryClass 9 SST (Economics) Notes in Hindi
MediumHindi
Class 9 SST (Economics) Chapter 4 भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India)) in Hindi

परिचय

  • अध्याय में खाद्य सुरक्षा का अर्थ, उपलब्धता, पहुंच और सामर्थ्य पर चर्चा।
  • 1970 के दशक में खाद्य सुरक्षा का अर्थ ‘बुनियादी खाद्य पदार्थों की सदा पर्याप्त उपलब्धता’ था।
  • अमर्त्य सेन ने पहुंच पर जोर दिया, हकदारी के आधार पर।
  • विश्व खाद्य शिखर सम्मेलन 1995: खाद्य सुरक्षा तब जब सभी लोगों की शारीरिक और आर्थिक पहुंच पर्याप्त, सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य तक हो।
  • भारत में खाद्य सुरक्षा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), सरकारी सतर्कता और आपदाओं में कार्रवाई पर निर्भर।

खाद्य सुरक्षा क्या है?

  • खाद्य सुरक्षा के आयाम:
    • उपलब्धता: देश में उत्पादन, आयात और सरकारी स्टॉक से।
    • पहुंच: प्रत्येक व्यक्ति तक खाद्य पहुंचे।
    • सामर्थ्य: लोगों के पास पौष्टिक खाद्य खरीदने के लिए पर्याप्त धन हो।
  • खाद्य सुरक्षा तभी जब: पर्याप्त खाद्य उपलब्ध, सभी की क्षमता हो और कोई बाधा न हो।

खाद्य सुरक्षा क्यों?

  • गरीब वर्ग हमेशा खाद्य असुरक्षा से ग्रस्त, लेकिन प्राकृतिक आपदाएँ (सूखा, बाढ़, फसल खराब) से सभी प्रभावित हो सकते।
  • आपदा में खाद्य उत्पादन घटता, कमी होती, कीमतें बढ़तीं, भुखमरी या अकाल हो सकता।
  • उदाहरण: 1943 का बंगाल अकाल – चावल की कमी से कीमतें बढ़ीं, खेतिहर मजदूर, मछुआरे, परिवहनकर्मी सबसे प्रभावित, 30 लाख मौतें।
The Bengal Famine of 1943
The Bengal Famine of 1943
  • अकाल से मौतें भुखमरी या महामारी से, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने से।

भारत में खाद्य असुरक्षा से कौन प्रभावित?

  • सबसे प्रभावित: भूमिहीन, परंपरागत कारीगर, छोटे सेवा प्रदाता, मौसमी मजदूर, भिखारी।
  • सामाजिक समूह: अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, मौसमी कृषि मजदूर, शहरी अनियमित मजदूर।
  • राज्य: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के भाग।
  • भुखमरी दो प्रकार: दीर्घकालिक (कुपोषण से) और मौसमी (मौसम से प्रभावित)।
INDIA: The government ignores deaths of forty-three children due to  malnutrition in Madhya Pradesh - Asian Human Rights Commission
INDIA: The government ignores deaths of forty-three children due to malnutrition in Madhya Pradesh - Asian Human Rights Commission
  • मौसमी भुखमरी: ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मौसम के बीच, शहरी में अनियमित मजदूरों में।
  • दीर्घकालिक भुखमरी: लगातार कम आय या भोजन से कुपोषण।

खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रणाली

  • स्वतंत्रता के बाद से भारत आत्मनिर्भर, कोई बड़ा अकाल नहीं।
  • बफर स्टॉक: FCI द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज खरीद, स्टॉक रखना। कमी में जारी।
 
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS): राशन दुकानों से राशन कार्ड पर सस्ता अनाज। APL, BPL, AAY कार्ड।
 
  • अन्य कार्यक्रम:
    • एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS) 1975: बच्चों का पोषण।
    • रोजगार के लिए खाद्य (FFW) 1977-78: ग्रामीण रोजगार।
    • मध्याह्न भोजन योजना 1995: स्कूल में भोजन से उपस्थिति बढ़ाना।
    • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) 2013: 75% ग्रामीण, 50% शहरी आबादी को सस्ता अनाज।
    • अंत्योदय अन्न योजना (AAY), अन्नपूर्णा योजना (APS)।

हरित क्रांति का प्रभाव

  • 1960-70 के दशक में हरित क्रांति से गेहूं-चावल उत्पादन बढ़ा, लेकिन पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी तक सीमित।
  • प्रभाव: आत्मनिर्भरता, लेकिन क्षेत्रीय असमानता, पर्यावरण क्षति (मिट्टी, जल स्तर)।
A Forgotten Group Of Grains Might Help Indian Farmers – And Improve Diets,  Too | KGOU - Oklahoma's NPR Source
  • MSP से किसानों को लाभ, लेकिन गरीबों तक पहुंच सीमित।

वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ

  • PDS सफल: बफर स्टॉक पर्याप्त, लेकिन भ्रष्टाचार, खराब गुणवत्ता, भंडारण हानि।
  • असमानता: कुछ राज्य (तमिलनाडु, आंध्र) अच्छे, अन्य (बिहार, झारखंड) कमजोर।
  • अतिउत्पादन: MSP से अधिक खरीद, लेकिन गरीबों तक नहीं पहुंचता।
  • पर्यावरण: हरित क्रांति से मिट्टी बंजर, जल स्तर गिरावट।
  • सहकारी समितियाँ: अमूल, मदर डेयरी जैसे सफल उदाहरण, किसानों को बाजार से जोड़तीं।

महत्वपूर्ण तथ्य और आंकड़े

  • बंगाल अकाल: 1943, 30 लाख मौतें।
  • हरित क्रांति: 1960-70, गेहूं उत्पादन 8 मिलियन टन से 17 मिलियन टन।
  • NFSA: 5 किग्रा/व्यक्ति/माह पर 81 करोड़ लाभार्थी।
  • बफर स्टॉक: 1 अप्रैल को न्यूनतम 21.4 मिलियन टन।
  • PDS दुकानें: 5.4 लाख।
  • सहकारी: 1 लाख से अधिक कृषि सहकारी समितियाँ।

We hope that class 9 SST (Economics) Chapter 4 भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India) notes in Hindi helped you. If you have any query about class 9 SST (Economics) Chapter 4 भारत में खाद्य सुरक्षा (Food Security in India) notes in Hindi or about any other notes of class 9 SST in Hindi, so you can comment below. We will reach you as soon as possible…

Leave a Comment